कैंची धाम बाबा नीम करौली के व भक्त पूरी दुनिया में मौजूद हैं
कैंची धाम बाबा नीम करौली के व भक्त पूरी दुनिया में मौजूद हैं
कैंची धाम बाबा नीम करौली के आश्रम के तौर पर मशहूर है।उत्तराखंड में स्थित कैंची धाम भी ऐसा ही धाम है, जिसके चमत्कार मानने वाले भक्त पूरी दुनिया में मौजूद हैं।यहां हम उनसे जुड़ी एक ऐसी ही कहानी आपको बताने जा रहे हैं। बाबा नीम करौली के चमत्कार की कहानियां सुन बाबा के चारण म श्रद्धा से सिर झुक जाता है। यहां हम एक ऐसी कहानी आपको सुनानी जा रहे हैं। सालों पहले एक युवा योगी लक्ष्मणदास बाबा फर्रुखाबाद से टूंडला जा रही रेल में चढ़ गए। वो फर्स्ट क्लास डिब्बे में थे
इसी बीच एक इंडियन रेलवे टिकट चकेआर आया और उन्हें भला-बुरा कहने लगा। पर योगी महाराज चुप रहे। थोड़ी देर बाद गाड़ी नीम करौली नाम के छोटे से स्टेशन पर रुकी। टिकट चकेआर ने योगी को वहीं उतार दिया। योगी महाराज उतर गए। उन्होंने वहीं अपना समाधि लगा बैठ गए। तभी कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई हैरान रह गया। ट्रेन स्टेशन से आगे ही नहीं बढ़ पाई। ट्रेन का इंजन वंद हो गया
कहा जाता है कि इसके बाद लोग टिकट निरीक्षक को भला-बुरा कहने लगे। कि बाबा को ट्रेन में बैठा लो, तब ही ट्रेन चलेगी। बाबा से अनुरोध किया गया कि गाड़ी में बैठ जाओ। बाबा शांत भाव से ट्रेन में बैठे और फिर ट्रेन चल पड़ी। ये महाराज ही आज बाबा नीम करौली के नाम से जाने जाते हैं। बाद में बाबा नीम करौली ने उत्तराखंड के नैनीताल में अपना आश्रम बनाया। ये धाम आज कैंची धाम के रूप में जाना जाता है। भक्त बाबा नीम करौली को भगवान हनुमान का अवतार मानते हैं। अपने जीवनकाल में उन्होंने देश भर में 12 प्रमुख मंदिर बनवाए।10 सितंबर 1973 को उन्होंने देह त्याग किया। तब से उनके चमत्कारों की कहानियां क्षेत्र में मशहूर हैं।
जय श्री राम जय बजरंग बली जी
जय बाबा नीम करोली जी story by
vijay mehra

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